नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस) भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) संजीव खन्ना ने अपने उत्तराधिकारी के रूप में न्यायमूर्ति बी.आर. गवई के नाम की सिफारिश की है। सीजेआई खन्ना देश के सर्वोच्च न्यायिक पद पर लगभग 6 महीने के कार्यकाल के बाद 13 मई को पद छोड़ देंगे।
53वें सीजेआई बनने की दौड़ में शामिल न्यायमूर्ति गवई का कार्यकाल 6 महीने से अधिक का होगा और वह 23 नवंबर, 2025 को पद छोड़ देंगे।
सीजेआई खन्ना ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर न्यायमूर्ति गवई के नाम की सिफारिश की है, जो सीजेआई द्वारा अपने उत्तराधिकारी के रूप में सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश को नामित करने की स्थापित परंपरा के अनुसार है।
मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर के अनुसार, केंद्र निवर्तमान सीजेआई से सेवानिवृत्ति से ठीक एक महीने पहले उत्तराधिकारी का नाम बताने के लिए कहता है।
न्यायमूर्ति गवई को 29 मई, 2019 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था। नवंबर 2003 में उन्हें बॉम्बे उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया और नवंबर 2005 में वे स्थायी न्यायाधीश बन गए। बेंच में पदोन्नत होने से पहले, उन्होंने संवैधानिक कानून और प्रशासनिक कानून में प्रैक्टिस की और कार्य किया



