नुनावुत की सांसद लोरी इडलौट ने न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (NDP) छोड़कर लिबरल पार्टी के साथ जुड़ने का फैसला किया है। इस कदम से प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की सरकार हाउस ऑफ कॉमन्स में पूर्ण बहुमत हासिल करने के बेहद करीब पहुँच गई है। NDP के अंतरिम नेता डॉन डेविस ने इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे मतदाताओं के साथ विश्वासघात बताया है।
डेविस ने कहा कि जब कोई निर्वाचित प्रतिनिधि अपनी पार्टी बदलता है, तो उसे फिर से चुनाव लड़कर नया जनादेश लेना चाहिए। इडलौट के जाने के बाद अब सदन में NDP के पास केवल छह सीटें बची हैं। अक्टूबर के बाद से यह चौथी बार है जब किसी विपक्षी सांसद ने पाला बदलकर लिबरल पार्टी का साथ दिया है। इससे पहले पूर्व कंजर्वेटिव सांसद क्रिस डी’एंट्रेमोंट, माइकल मा और मैट जेनरॉक्स भी लिबरल खेमे में शामिल हो चुके हैं।
लिबरल पार्टी अब बहुमत के आंकड़े के बहुत करीब है और इसका भविष्य 13 अप्रैल को होने वाले तीन उपचुनावों पर निर्भर करेगा। यदि लिबरल इनमें से दो सीटें जीत जाते हैं, तो वे बहुमत हासिल कर सकते हैं। हालांकि, इप्सोस पोल (Ipsos poll) के अनुसार, 62 प्रतिशत कनाडाई मानते हैं कि सांसदों को चुनाव के बाद पार्टी बदलने की अनुमति नहीं होनी चाहिए, लेकिन हालिया दलबदल के बावजूद प्रधानमंत्री कार्नी की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है।





